Highlights
- सरकार पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी में।
- लिखित आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने 26 दिन पुराना अनशन समाप्त किया।
- खरगे ने पीएम से संसद में बयान और शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी की मांग की।
संसद का मानसून सत्र अब तक NEET पेपर लीक मामले को लेकर हंगामे की भेंट चढ़ा हुआ है और शुक्रवार को भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध बने रहने की संभावना जताई गई है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि सरकार पेपर लीक की समस्या को बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि केवल पेपर लीक से जुड़े मामलों के लिए एक अलग और बेहद सख्त कानून का मसौदा तैयार किया गया है, जिसे कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद सरकार अगले सप्ताह इसे संसद से पारित कराने का प्रयास करेगी।
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। साथ ही संसद में पेपर लीक और परीक्षा सुधारों पर चर्चा कराने तथा पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक विचार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से चला आ रहा अपना अनशन समाप्त कर दिया।
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रधानमंत्री को संसद में आकर बयान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने देर रात एकतरफा तरीके से अपनी बात रखी। खरगे ने मांग की कि प्रधानमंत्री संसद आने से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करें और छात्रों से माफी मांगें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। नीट पेपर लीक मामले को लेकर संसद की कार्यवाही से जुड़े हर अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें:








































