राहुल गांधी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में रजिस्ट्री ने 14 कमियां बताई हैं। इन तकनीकी खामियों को दूर किए जाने के बाद ही याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हो सकेगी। ऐसे में फिलहाल इस मामले में मंगलवार को सुनवाई नहीं हो पाएगी। याचिका की मेंशनिंग भी मंगलवार को नहीं की जाएगी।
9 लोगों के वकालतनामे नहीं
जानकारी के मुताबिक, याचिका में प्रतिवादियों के नाम में गड़बड़ी, निजी पक्षकारों को प्रतिवादी बनाने का स्पष्टीकरण न दे पाना, पुराने फैसले की कॉपी नहीं लगाई गई, राहुल और खरगे को छोड़कर बाकी 9 लोगों की तरफ से वकालतनामा नहीं आना, खरगे के पहचान पत्र की धुंधली कॉपी होना, 220 रुपये की कोर्ट फीस का कम जमा करना, और दस्तावेजों की प्रिंटिंग में कमी बताई गई है।
कांग्रेस की लीगल टीम ने दाखिल की याचिका
बता दें कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के अन्य नेताओं ने सोमवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर दिल्ली में मार्च निकाला। सैकड़ों समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ निकले विपक्षी नेताओं ने निर्वाचन आयोग पर मतदाताओं के नाम बड़े पैमाने पर हटाने और चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए। इसे लेकर राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। कांग्रेस पार्टी की लीगल टीम ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
याचिका में कुल 11 पिटीशनर्स हैं, जिसमें राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा इस याचिका में सौगत राय (TMC), अखिलेश यादव (SP), तेजस्वी प्रसाद यादव (RJD), संजय राउत (Shiv Sena-UBT), एम.ए. बेबी (CPI-M), डी. राजा (CPI), महुआ माजी (JMM), सुप्रिया सुले (NCP-SP) और ई.टी. मोहम्मद बशीर (IUML) शामिल हैं। खास बात ये है कि आम आदमी पार्टी की तरफ से इस पिटीशन में कोई नहीं है। वहीं, इस याचिका में इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया, ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू को रेस्पॉन्डेंट बनाया गया है।
त्रुटियां ठीक होने के बाद सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका पर सोमवार को ही प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश रजिस्ट्री को दिया था। अदालत ने कहा कि याचिका में मौजूद खामियों को दूर किया जाए, ताकि मामले की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सके। हालांकि, याचिका में खामियां पाई गईं, जिनको सुधारा जा रहा है, इसके बाद ही इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। त्रुटियां ठीक होने के बाद याचिका पर सुनवाई होगी।
याचिका में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने और अनियमितताओं का मुद्दा उठाया गया है। विपक्ष ने SIR की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की है।
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