असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने चुनावी नतीजों और विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला है। इंडिया टीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत करते उन्होंने कहा कि जो परिणाम आए हैं, वे पहले से उनकी उम्मीदों के मुताबिक ही हैं। असम में बीजेपी की बंपर जीत के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा एक बार फिर फायर मोड में नजर आए।
बांग्लादेशी मुसलमानों की पार्टी बनी कांग्रेस
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सरमा ने कहा कि 2016 से ही पार्टी ‘बांग्लादेशी मुसलमानों की पार्टी’ बन चुकी है। परिसीमन के बाद यह पूरी तरह उसी दिशा में आगे बढ़ गई है। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में मुसलमानों और ‘बांग्लादेशी मुसलमानों’ के बीच अलग तरह से ट्रीटमेंट किया जाएगा।
मुसलमानों को बोलना होगा भारत माता की जय
सीएम सरमा ने ‘मिया मुसलमानों’ को लेकर कहा कि उन्हें पॉलिगैमी (बहुविवाह) और बाल विवाह जैसी प्रथाएं बंद करनी होंगी, साथ ही ‘भारत माता की जय’ बोलना होगा।
ममता को राज्यपाल पद से हटा सकते हैं- सरमा
इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा। सरमा ने कहा कि अगर ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं देतीं, तो राज्यपाल उन्हें पद से हटा सकते हैं।
अब नहीं चलेगी तुष्टिकरण की राजनीति
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि वह उनकी राजनीति को ज्यादा फॉलो नहीं करते, लेकिन तुष्टिकरण की राजनीति अब नहीं चलेगी और हिंदू समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।
पवन खेड़ा पर फिर साधा निशाना
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के मामले पर सरमा ने कहा कि यह अध्याय बंद नहीं होगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कथित फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए। वहीं, राहुल गांधी के परिसीमन से जुड़े सवालों पर पलटवार करते हुए सरमा ने कहा कि वे यह बताएं कि वह मुसलमानों को कितनी सीटें देना चाहते हैं।
केरल और तमिलनाडु की जीत पर उठाए सवाल
साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि असम और बंगाल की बात करने वाले विपक्षी नेता केरल और तमिलनाडु में अपनी जीत को कैसे समझाते हैं। सरमा के इन बयानों से सियासी माहौल एक बार फिर गरमा गया है।






































