
2025 के त्योहारी सीजन में बाजार में रौनक तो पहले जैसी ही है, लेकिन उपभोक्ताओं के खर्च करने के अंदाज़ में बड़ा बदलाव साफ नजर आ रहा है। अब खरीदारी केवल दिखावे या भारी डिस्काउंट के लिए नहीं हो रही, बल्कि सोच-समझकर, बजट के भीतर और जरूरत के हिसाब से की जा रही है। EMI और क्रेडिट कार्ड पर धड़ल्ले से शॉपिंग करने वाले खरीदार अब वैल्यू फॉर मनी, लॉन्ग टर्म यूटिलिटी और फाइनेंशियल प्लानिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। चाहे बात इलेक्ट्रॉनिक्स की हो, फैशन की, या घर की सजावट की — हर क्षेत्र में यह ट्रेंड झलक रहा है कि उपभोक्ता अब पहले से ज्यादा जागरूक और जिम्मेदार हो चुके हैं। क्या वाकई बदल रही है फेस्टिव शॉपिंग की परिभाषा? आइए जानते हैं इस रिपोर्ट में विस्तार से।
खरीदारी पहले से ही शुरू कर दी
साल 2025 में त्योहारी खरीदारी (फेस्टिव शॉपिंग) के रुझान में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय उपभोक्ताओं ने इस बार अपनी खरीदारी पहले से ही शुरू कर दी है, जो पिछले सालों की पारंपरिक, आखिरी मिनट की खरीदारी की आदतों से एक महत्वपूर्ण बदलाव है। रिटेलर्स और ब्रांड्स अब एक लंबी एंगेजमेंट विंडो देख रहे हैं, जिससे खरीदारों को आराम से उत्पादों को देखने, तुलना करने और खरीदारी करने का समय मिल रहा है। उपभोक्ता अब उपहार और घर की सजावट के लिए प्रेरणा और विचार जुटाने के लिए बहुत पहले ही उत्पादों पर रिसर्च करना शुरू कर रहे हैं। खरीदारी अब एक सामूहिक अनुभव बन गया है, जिसमें कई परिवार के सदस्य चर्चा और निर्णय लेने में भाग लेते हैं, जो दिवाली के दौरान उपहार देने के सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है।
फेस्टिवल शॉपिंग में अपैरल, ब्यूटी और होम डेकोर पर जोर
उपभोक्ताओं के खर्च के ट्रेंड में अपैरल, ब्यूटी और होम डेकोर काफी आगे हैं। लगभग 63% खरीदार नए कपड़े खरीदने में निवेश कर रहे हैं, जो त्योहारों के दौरान नए परिधान पहनने की सदियों पुरानी परंपरा को दर्शाता है। lovenspire के मुताबिक, भारतीय एथनिक वियर, समकालीन फ़्यूज़न स्टाइल और हस्तनिर्मित वस्त्र इस श्रेणी में उपभोक्ताओं द्वारा सबसे ज़्यादा पसंद किए जा रहे हैं। इसके अलावा, कुल खरीदारी का 42% हिस्सा ब्यूटी एवं वेलनेस का है। इसके अलावा प्राकृतिक त्वचा देखभाल उत्पाद, आयुर्वेदिक वेलनेस आइटम और प्रीमियम पर्सनल केयर ब्रांड विशेष रूप से लोकप्रिय हैं। इसके अलावा, खरीदारी में लगभग 40% खरीदारों को घर में उत्सव का माहौल बनाने के लिए होम डेकोर की खरीदारी पर फोकस करते पाया गया है।
मोबाइल फोन की खरीदारी
साल 2025 में भारत के त्योहारी खरीदारी के परिदृश्य को मोबाइल शॉपिंग के बढ़ते रुझान ने एक विशिष्ट आकार दिया है। इस व्यस्त त्योहारी सीज़न के दौरान, स्मार्टफोन खरीदारों के लिए एक अनिवार्य उपकरण बन गया है। लगभग 43% उपभोक्ता अब मोबाइल ऐप्स या वेबसाइटों के माध्यम से साप्ताहिक रूप से कई खरीदारी कर रहे हैं। एक और ट्रेंड यह भी सामने आया कि 64% खरीदार अपनी पूरी त्योहारी खरीदारी ऑनलाइन करते हैं, और भौतिक दुकानों पर जाने से पूरी तरह बचते हैं।
शॉपिंग में AI का इस्तेमाल
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भारत में त्योहारी खरीदारी के माहौल को बेहद व्यक्तिगत खुदरा अनुभव प्रदान करके नया रूप दे रहा है। खुदरा क्षेत्र में एआई को शामिल करने से ब्रांड प्रासंगिक उत्पाद खोज की सुविधा प्रदान कर सकते हैं, जहां खरीदारों को उनकी प्राथमिकताओं, ब्राउजिंग इतिहास और वर्तमान रुझानों के आधार पर अनुकूलित सुझाव मिलते हैं। यह दृष्टिकोण पारंपरिक ब्राउज़िंग दिनचर्या को एक आकर्षक और सहज यात्रा में बदल देता है।
परंपरा और इनोवेशन का संतुलित संगम
भारतीय त्योहारी खरीदारी का भविष्य अब केवल वस्तुओं तक सीमित नहीं है, यह एक अनुभव, एक जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान की अभिव्यक्ति बन चुका है। परंपरा को आधुनिकता से जोड़ने की यह यात्रा उपभोक्ताओं को न सिर्फ खरीदारी करने, बल्कि एक गहरा भावनात्मक रिश्ता बनाने की ओर प्रेरित कर रही है।







































