
कर्नल कोशांक लांबा (सेंटर में)
नई दिल्ली: पाकिस्तानी जमीन पर भारत के द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर के नायक पहली बार इंडिया टीवी पर सामने आए हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में अहम बातें बताईं।
कार्यक्रम में कर्नल कोशांक लांबा, लेफ्टीनेंट कर्नल सुशील बिष्ठ, नायब सूबेदार सतीश कुमार, नायब सूबेदार रत्नेश घोष और मेजर जैरी ब्लेज ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में अहम बातें बताईं।
कर्नल कोशांक लांबा ने क्या बताया?
कर्नल कोशांक लांबा ने बताया, “वो रात बहुत अहम थी। मैं अपनी यूनिट का कमांडिंग ऑफिसर हूं और मेरी टुकड़ी जिसे ये मिशन मिला था, मैं उसको लीड कर रहा था।”
कर्नल कोशांक लांबा ने बताया, “मिशन ये था कि पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को बर्बाद करना है। इनफॉरमेशन ये थी कि जो पाकिस्तान के आतंकी ठिकाने थे, ये पीछे की तरफ गांव में, घरों के आस-पास, ऐसे छिपाए गए थे, जिससे सिविलियन्स को भी हानि हो सकती थी। हमारे दिमाग में ये खयाल था कि वो किसी भी देश का नागरिक हो, लेकिन इनोसेंट सिविलियन को हानि नहीं होनी चाहिए। ये सब दिमाग में रखते हुए हमने अपनी पूरी तैयारी की।”
कर्नल कोशांक लांबा ने बताया, “अगर मैं वापस उस रात (6-7 मई की रात) में जाता हूं तो एक अजीब सा माहौल था हमारे गन एरिया के अंदर, सभी जवानों के अंदर मुझे एक अजीब सी शांति दिख रही थी। मुझे लगा कि इस शांति का मतलब कहीं ये तो नहीं कि हम थोड़ा सोच रहे हैं लेकिन ये शांति जोश से पहले की शांति थी। मेरे सभी जवान अपनी ट्रेनिंग को बिल्कुल कॉन्फिडेंस के साथ याद कर रहे थे। उन्हें अपनी ट्रेनिंग पर पूरा कॉन्फिडेंस था। हम पूरी तरह तैयार थे।”
कर्नल कोशांक लांबा ने बताया, “जिस समय हमें आदेश मिले और हमने पाकिस्तान के ऊपर हमारी तोपों से अटैक शुरू किए , वो अटैक बहुत प्रबल था। जो ठिकाने हमें ध्वस्त करने थे, हमने 100 फीसदी उन्हें ध्वस्त किया।”
कर्नल लांबा के बारे में जानिए
कर्नल लांबा वीर चक्र से सम्मानित हैं। वह आर्टिलरी रेजिमेंट के यूनिट का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने अज्ञात लोकेशंस पर अपनी तोपों को लगाया और पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। उन्होंने 88 घंटे पाकिस्तान को उठने नहीं दिया।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान क्या-क्या हुआ था?
ऑपरेशन सिंदूर 25 मिनट चला था। इस दौरान 24 मिसाइलें इस्तेमाल की गई थीं और 9 लोकेशन पर काम करके 21 टेरर कैंप तबाह किए गए थे।
ध्वस्त हुए थे आतंक के 9 अड्डे
- बहावलपुर: जैश-ए-मोहम्मद
- मुरीदके: लश्कर-ए-तैयबा
- तेहरा कलां: जैश-ए-मोहम्मद
- सियालकोट: हिजबुल मुजाहिद्दीन
- बरनाला: लश्कर-ए-तैयबा
- कोटली: जैश-ए-मोहम्मद
- मुजफ्फराबाद: लश्कर-ए-तैयबा
- मुजफ्फराबाद: जैश-ए-मोहम्मद
ऑपरेशन सिंदूर में कितने पाकिस्तानी एयरबेस तबाह?
- चकलाला एयरबेस
- भोलारी एयरबेस
- सरगोधा एयरबेस
- सुक्कुर एयरबेस
- रहीम यार खान एयरबेस
- मुरीद एयरबेस
- स्कार्दु एयरबेस
- सियालकोट एयरबेस
- जैकोबाबाद एयरबेस
- रफीकी एयरबेस
- चुनियन एयरबेस
- सियालकोट एयरबेस







































