पीपीएफ यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड में निवेश करते समय महीने की 5 तारीख बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसकी वजह यह है कि पीपीएफ खाते पर मिलने वाला ब्याज हर महीने की 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन तक के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर तय किया जाता है। ऐसे समझ लें कि अगर कोई निवेशक महीने की 5 तारीख के बाद अपने पीपीएफ खाते में पैसा जमा करता है, तो उसे उस अतिरिक्त राशि पर उस महीने का ब्याज नहीं मिलता। इसका यह मतलब है कि देर से निवेश करने पर सीधे तौर पर ब्याज का नुकसान होता है।
समझें पूरे साल के ब्याज का गणित
मान लीजिए आप अपने PPF खाते में 1.5 लाख रुपये का निवेश करते हैं। अगर यह राशि आप 5 अप्रैल 2026 या उससे पहले जमा कर देते हैं, तो यह रकम पूरे महीने के लिए ब्याज गणना में शामिल होगी। ऐसे में मार्च 2027 तक आपको पूरे साल का ब्याज मिलेगा।
मौजूदा 7.1% की ब्याज दर के हिसाब से:
सालाना ब्याज = 1,50,000 × 7.1% = 10,650 रुपये
मासिक ब्याज = 10,650 ÷ 12 = 887.50 रुपये
लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद यह रकम जमा करते हैं, तो उस महीने का ब्याज नहीं मिलेगा। यानी आपको एक महीने के ब्याज का नुकसान होगा।
ऐसी स्थिति में:
कुल सालाना ब्याज = 10,650 – 887.50 = 9,762.50 रुपये
यानी सिर्फ कुछ दिन की देरी से आपको 887.50 रुपये का नुकसान हो सकता है।
इसलिए विशेषज्ञों की सलाह है कि PPF में निवेश हमेशा महीने की 5 तारीख या उससे पहले करें, ताकि हर महीने का पूरा ब्याज मिल सके और आपके निवेश पर अधिकतम रिटर्न प्राप्त हो।
PPF में अधिकतम ब्याज पाने के टिप्स
साल की शुरुआत में एकमुश्त निवेश करें: अगर आप पीपीएफ में पूरे साल का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं, तो वित्तीय वर्ष की शुरुआत में एकमुश्त राशि जमा करना समझदारी है। इससे आपकी पूरी रकम पर पूरे साल का ब्याज मिलता है और रिटर्न अधिक हो जाता है। इसके अलावा, नियमित मासिक निवेश जारी रखना भी फायदेमंद रहता है।
इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करें: समय पर निवेश सुनिश्चित करने के लिए इंटरनेट बैंकिंग एक बेहतर विकल्प है। इसके जरिए आप हर महीने आसानी से और समय पर अपने PPF खाते में पैसा जमा कर सकते हैं। इससे लेट होने की संभावना कम होती है और आप ब्याज का नुकसान होने से बच जाते हैं।







































