तमिलनाडु से आज एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें तमिलनाडु पुलिस ने विजय की अगुवाई वाली सरकार को अस्थिर करने की कथित कोशिश के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया। यह कार्रवाई ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) के विधायक एन. इलैयाराजा के आरोपों के बाद की गई। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें विधानसभा स्पीकर के ख़िलाफ़ लाए जाने वाले प्रस्ताव पर के पक्ष में वोट करने के लिए 35 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी। इस सिलसिले में अभी तक 3 लोगों के गिरफ्तार कर लिया गया है, जांच की आंच पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक कुमार पर भी आ सकती है। तमिलनाडु के मंत्री पी. निर्मल कुमार ने दावा किया कि DMK पिछले 40 दिनों से सत्ताधारी पार्टी के MLA को अपनी तरफ मिलाने की कोशिश कर रही थी।
विधायक ने क्या आरोप लगाया?
यह मामला तब सामने आया जब उथंगराई से TVK विधायक एन. एलैयाराजा ने चेन्नई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि IPDS कंसल्टेंसी फर्म के एक व्यक्ति ने उन्हें तमिलनाडु विधानसभा स्पीकर और TVK नेता JCD प्रभाकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए 35 करोड़ रुपये की पेशकश की। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उन्हें धमकाया गया और कहा गया कि वे इस पेशकश के बारे में किसी से बात न करें।
पुलिस ने क्या बताया?
बुधवार को जारी पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच में पूर्व DMK मंत्री वी. सेंथिल बालाजी और उनके भाई वी. अशोक कुमार का नाम भी इस साज़िश से कथित तौर पर जुड़े होने के मामले में सामने आया है। 29 जून को चेन्नई पुलिस कमिश्नर के पास इलैयाराजा की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, थिरुनावुक्कारासु नाम के एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया। उसने दावा किया कि वह ‘इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रेटेजीज़’ (IPDS) नाम की एक ओपिनियन पोलिंग संस्था का प्रमुख है और एक बड़ी राजनीतिक पार्टी के सदस्यों की ओर से उनसे बात कर रहा है।
क्या थी साजिश?
आरोप है कि बाद में कॉलर ने TVK विधायक से कहा कि तमिलनाडु विधानसभा के स्पीकर के खिलाफ एक प्रस्ताव लाया जाएगा और उनसे कहा कि वे सत्ताधारी पार्टी का सदस्य होने के बावजूद अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष मेंवोट करें। इसके बदले में, उसने इलैयाराजा को 35 करोड़ रुपये तक देने की पेशकश की। MLA ने आरोप लगाया कि उन्होंने उस ऑफ़र को ठुकरा दिया और कॉलर से कहा कि वे उनसे दोबारा संपर्क न करें। हालांकि, आरोप है कि थिरुनावुक्करसु ने उन्हें धमकी दी और चेतावनी दी कि अगर उन्होंने इस बातचीत का ज़िक्र किया, तो उन्हें और उनके परिवार को इसके नतीजे भुगतने होंगे।
तमिलनाडु पुलिस के खुफिया विभाग को भी इसकी भनक लगी कि TVK के कम से कम 15 MLA’s को खरीदकर सरकार गिराने की साजिश रची जा रही थी। पुलिस ने बताया कि बाद की जांच में पता चला कि DMK के पूर्व मंत्री और कोयंबटूर साउथ के MLA वी. सेंथिल बालाजी के भाई वी. अशोक कुमार ने चेन्नई में नरेश से मुलाकात की थी। जांचकर्ताओं का यह भी आरोप है कि थिरुनावक्करसु ने सेंथिल बालाजी और अशोक कुमार के कहने पर इलैयाराजा से संपर्क किया था।
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