वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का प्रोटोटाइप एक साल के अंदर ट्रायल के लिए तैयार हो जाएगा। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ सतीश कुमार ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। सतीश कुमार ने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ये प्रोटोटाइप रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के नेतृत्व वाले जॉइंट वेंचर द्वारा बनाया जा रहा है। रेल विकास निगम लिमिटेड के 21वें स्थापना दिवस समारोह में अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वंदे भारत स्लीपर कंपनी के प्रमुख प्रोजेक्ट्स में से एक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसका प्रोटोटाइप एक साल के अंदर ट्रायल के लिए पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद रेल विकास निगम लिमिटेड को 120 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की डिलीवरी करनी होगी।
17 जनवरी को पटरियों पर दौड़ी थी देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
हालांकि, सतीश कुमार ने कोई निश्चित समय नहीं बताया, लेकिन आरवीएनएल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सलीम अहमद ने हाल ही में कहा था कि ये प्रोटोटाइप जून 2026 में पेश किया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के प्रोटोटाइप का काम तेज गति से जारी है, लेकिन जून 2026 तक ट्रायल संभव नहीं लग रहा है और इसमें अगले साल तक देरी हो सकती है। बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जनवरी को कामाख्या और हावड़ा के बीच देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। अन्य वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के संचालन को लेकर कई तरह की अटकलें हैं, लेकिन इस मामले में रेल मंत्रालय ने अभी तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के कुल 260 रेक बनाने की है योजना
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 4 फरवरी को लोकसभा में एक लिखित बयान में कहा कि वंदे भारत स्लीपर कोचों का मैन्यूफैक्चरिंग प्रोग्राम BEML, ICF, और टेक्नोलॉजी पार्टनर्स द्वारा प्रोटोटाइप डेवलपमेंट, ट्रायल और सीरीज प्रोडक्शन के जरिए चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि इन ट्रेनसेट को नियमित यात्री सेवा में चरणबद्ध तरीके से, मांग और परिचालन तत्परता के आधार पर शामिल किया जाएगा। वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के कुल 260 रेक बनाने की योजना बनाई गई है।






































