
विमानन नियामक डीजीसीए की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2025 में घरेलू एयर ट्रैफिक में गिरावट दर्ज की गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू एयरलाइनों ने अगस्त 2025 में 1.29 करोड़ यात्रियों को सफर कराया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 1.31 करोड़ यात्रियों से थोड़ी कम है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, हालांकि, जुलाई 2025 के मुकाबले अगस्त में यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई, जब यह संख्या 1.26 करोड़ थी। अगस्त में इंडिगो का घरेलू बाजार हिस्सेदारी अगस्त में 64.2 प्रतिशत रही, जो जुलाई के 65.2 प्रतिशत से घटकर कम हो गई। वहीं, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के एयर इंडिया समूह का बाजार हिस्सेदारी 26.2 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 27.3 प्रतिशत हो गया।
बाकी एयरलाइंस की हिस्सेदारी कितनी रही
खबर के मुताबिक, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने अगस्त 2025 की अपनी मासिक यातायात रिपोर्ट में बताया कि जनवरी-अगस्त 2025 के दौरान घरेलू एयरलाइनों में अकासा एयर की बाजार हिस्सेदारी 5.4 प्रतिशत रही, जो जुलाई में 5.5 प्रतिशत थी, जबकि स्पाइसजेट की हिस्सेदारी 2 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रही। एलायंस एयर, जो कि सरकारी स्वामित्व वाली एयरलाइन है, की बाजार हिस्सेदारी अगस्त में 0.3 प्रतिशत रह गई, जो जुलाई में 0.4 प्रतिशत थी। वहीं, स्टार एयर और फ्लाई91 की बाजार हिस्सेदारी क्रमशः 0.5 प्रतिशत और 0.2 प्रतिशत पर बनी रही।
कुल 1,407 यात्री-संबंधी शिकायतें मिली
अगस्त 2025 में घरेलू एयरलाइनों को कुल 1,407 यात्री-संबंधी शिकायतें प्राप्त हुईं, और प्रति 10,000 यात्रियों पर लगभग 1.09 शिकायतें दर्ज की गईं। इसके अलावा, उड़ानों में देरी के चलते 74,381 यात्रियों पर इसका असर हुआ और एयरलाइनों ने इस पर 1.18 करोड़ रुपये खर्च किए। उड़ान रद्द होने से 36,362 यात्री प्रभावित हुए और एयरलाइनों ने मुआवजे और सुविधाओं पर 64.51 लाख रुपये खर्च किए। साथ ही, 705 यात्रियों को विमान में चढ़ने से रोका गया, जिसके लिए एयरलाइनों ने 24.52 लाख रुपये का खर्च किया।
समय पर उड़ान भरने में इंडिगो बेहतर
समय पर उड़ान भरने के मामले में, इंडिगो ने 90.6 प्रतिशत ओटीपी (ऑन-टाइम पर्कफॉर्मेंस) के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद आकाश एयर का स्थान 87 प्रतिशत के साथ था, जबकि एयर इंडिया समूह ने 84.5 प्रतिशत ओटीपी के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। स्पाइसजेट का ओटीपी 68.2 प्रतिशत और एलायंस एयर का 55.2 प्रतिशत था। डीजीसीए द्वारा ओटीपी की गणना बैंगलोर, दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई, चेन्नई, और कोलकाता जैसे छह प्रमुख मेट्रो हवाई अड्डों के लिए की जाती है। अगस्त 2025 में यात्रियों की संख्या में गिरावट के बावजूद, एयरलाइनों ने विभिन्न क्षेत्रों में सुधार की दिशा में कदम उठाए हैं, और यात्रियों की सुविधा के लिए समय पर उड़ान संचालन पर ध्यान केंद्रित किया है।






































