असम में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं। इस बीच, राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार तेज करते हुए बड़ा चुनावी दांव खेला है। गुरुवार को बजाली में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए हिमंता ने घोषणा की कि यदि बीजेपी दोबारा सत्ता में आती है, तो राज्य की 5 लाख बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अतिक्रमणकारियों को पिछले पांच वर्षों में सबक सिखाया गया है और स्वदेशी समुदायों पर उनका प्रभुत्व ‘काफी हद तक कम’ हो गया है। उन्होंने इन अतिक्रमकारियों में से अधिकांश को ‘मिया’ (बांग्ला भाषी प्रवासी मुस्लिमों के लिए अपमानजनक माने जाने वाला शब्द) बताया। उन्होंने कहा, “पिछले पांच वर्षों में हमने 1.5 लाख बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है, लेकिन अगले पांच वर्षों के लिए हमारा लक्ष्य 5 लाख बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना होगा।”
“जाति, माटी और भेटी की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध”
सीएम हिमंता ने कहा कि असम में भूमि पर केवल स्वदेशी लोगों का ही अधिकार होगा। उन्होंने कहा, “भाजपा ‘जाति, माटी और भेटी’ (लोग, भूमि और आधार) की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और हम किसी को भी इसके विरुद्ध काम नहीं करने देंगे। मूल आबादी के अस्तित्व के लिए अवैध प्रवासियों से सख्ती से निपटना आवश्यक है और हम इस पर कोई समझौता नहीं करेंगे।”
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई पर हमला करते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि नए ग्रेटर असम की उनकी अवधारणा अस्वीकार्य है, क्योंकि वह (गोगोई) अप्रत्यक्ष रूप से यह सुझाव दे रहे हैं कि बांग्लादेशियों और राज्य के लोगों को एक साथ रहना होगा। सरमा ने आरोप लगाया कि गोगोई और कांग्रेस ने हमेशा मूल असमिया लोगों की तुलना में ‘मिया’ समुदाय को अधिक महत्व देने की कोशिश की है।
असम चुनाव के लिए 9 अप्रैल को वोटिंग
उन्होंने मतदाताओं से असम गण परिषद (अगप) के धर्मेश्वर रॉय का समर्थन करने का आग्रह किया और भाजपा के साथ पार्टी के गठबंधन को अविभाज्य बताया। उन्होंने पड़ोसी बारपेटा निर्वाचन क्षेत्र में अगप उम्मीदवार दीपक कुमार दास के लिए भी प्रचार किया, जहां कांग्रेस उम्मीदवार महानंदा सरकार का नामांकन खारिज कर दिया गया। असम में 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव 09 अप्रैल को होंगे और मतगणना 04 मई को होगी।
ये भी पढ़ें-
राहुल गांधी की टी-शर्ट पर किरेन रीजीजू का प्रहार, बोले- उनका दिमाग सलाहकारों ने ‘हाईजैक’ कर लिया है
एक बार फिर पीछे हट गए ट्रंप, ईरान पर अब 6 अप्रैल तक नहीं करेंगे हमला







































