Kaliabor Assembly Election: असम की कलियाबोर विधानसभा सीट इस बार राज्य की हॉट सीटों में से एक है। जहां मुकाबला दिलचस्प और सीधा नजर आ रहा है। सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगी असम गण परिषद (AGP) ने सीनियर नेता केशब महंत को मैदान में उतारा है। केशब महंत 2006 यानी पिछले 4 बार से लगातार चुनाव जीत रहे हैं। वहीं, इस सीट से इस बार रायजोर दल ने प्रदीप कुमार बरुआ पर भरोसा जताया है।
क्यों बनी हॉट सीट?
असम की कलियाबोर विधानसभा सीट प्रदेश की राजनीति में अहम मानी जाती है। यह इलाका पारंपरिक रूप से कभी AGP का गढ़ माना जाता है। राजनीतिक समीकरणों और नए दलों के उभार ने यहां मुकाबले को पूरी तरह दिलचस्प बना दिया है।
सामाजिक और वोट बैंक समीकरण
इस सीट पर असमिया हिंदू, मुस्लिम और टी-ट्राइब (चाय बागान) समुदाय के वोट निर्णायक माने जाते हैं। इस सीट में AGP को असमिया अस्मिता और NDA गठबंधन का फायदा मिलने की उम्मीद है। रायजोर दल युवा और क्षेत्रीय मुद्दों को उठाकर एंटी-इंकंबेंसी को भुनाने की कोशिश में है।
2026 से चुनाव जीत रहे केशब महंत
2021 के विधानसभा चुनाव परिणाम की बात करें तो ये AGP का मजबूत गढ़ है। 2021 के विधानसभा चुनाव में AGP के केशब महंत ने भारी मतों से जीत हासिल की थी। उन्होंने 73,677 वोट (58.09%) हासिल किए, जबकि कांग्रेस के प्रसांत कुमार सैकिया को 44,957 वोट (36.04%) मिले थे। इस सीट पर तीसरे स्थान पर असम जतिया परिषद के मुकुल बरुआ थे। कलियाबोर AGP का पारंपरिक गढ़ रहा है। महंत 2006 से लगातार यहां से जीत रहे हैं।
जानिए उम्मीदवारों की ताकत
केशब महंत (AGP): अनुभवी नेता, संगठन और सरकार दोनों का समर्थन
प्रदीप कुमार बरुआ (रायजोर दल): जमीनी मुद्दों पर पकड़, युवा और बदलाव की राजनीति का चेहरा
क्या है ग्राउंड रिपोर्ट?
कलियाबोर में इस बार मुकाबला पारंपरिक राजनीति बनाम बदलाव की राजनीति के रूप में देखा जा रहा है। AGP अपने पुराने आधार और गठबंधन के सहारे बढ़त बनाने की कोशिश में है, जबकि रायजोर दल स्थानीय असंतोष और नए वोटर्स को साधने में जुटा है। कुल मिलाकर, कलियाबोर सीट पर सीधी टक्कर होने के बावजूद मुकाबला बेहद कांटे का है। यह सीट असम की बदलती राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।





































