
सरकार की राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) ने ग्राहकों के हित में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। इस साल हेल्पलाइन के माध्यम से 45 करोड़ रुपये वसूले गए और 67,265 उपभोक्ता शिकायतों का निपटान किया गया। जोधपुर के रमेश कुमार (नाम बदल दिया गया) ने इस साल की शुरुआत में ई-कॉमर्स कंपनी से ऑनलाइन कुर्सियां ऑर्डर की थीं। रमेश को ये कुर्सियां खराब हालत में मिलीं। जिसके बाद रमेश ने ई-कॉमर्स कंपनी में शिकायत दर्ज कराई और एक्सचेंज के लिए आवेदन किया। हालांकि, कंपनी ने पांच बार खराब कुर्सियों को वापस लेने का न सिर्फ समय बदला, बल्कि हर बार उसे कैंसिल भी कर दिया। कंपनी के इस रवैये से परेशान रमेश ने 1915 पर कॉल कर टूटे हुए फर्नीचर की शिकायत दर्ज कराई।
67,265 भारतीयों की समस्याओं का हुआ समाधान
रमेश ने बाद में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) के हस्तक्षेप करने और कुछ दिनों के भीतर अपना पूरा रिफंड पाने के बाद लिखा, “मेरे जैसे ठगे गए उपभोक्ताओं की मदद करने के लिए उपभोक्ता हेल्पलाइन, आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।” अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच 67,265 भारतीयों को इस सरकारी प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी शिकायतों का समाधान मिला, जिससे कुल 45 करोड़ रुपये की वापसी हुई। साल 2025 के आंकड़े भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और उसके झंझटों की कहानी बताते हैं।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की लगभग 40,000 शिकायतें मिलीं
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से लगभग 40,000 शिकायतें आईं और 32 करोड़ रुपये का रिफंड हुआ, जो कुल का दो-तिहाई से ज्यादा है। इसके बाद ट्रैवल और टूरिज्म में 3.5 करोड़ रुपये का रिफंड हुआ। बेंगलुरु में एक उपभोक्ता ने सालाना इंटरनेट प्लान के लिए भुगतान किया। पैसे खाते से चले गए, लेकिन इंटरनेट कनेक्शन कभी नहीं मिला। ग्राहक सेवा ने 10 दिनों में रिफंड का वादा किया, लेकिन चार महीने बीत गए। बार-बार कॉल करने पर केवल तैयार किए गए जवाब और माफी मिली। एनसीएच ने हस्तक्षेप किया और तुरंत रिफंड मिल गया। चेन्नई में एक उपभोक्ता ने फ्लाइट टिकट 96 घंटे पहले कैंसिल किया, लेकिन एयरलाइन ने रिफंड देने से इनकार किया। एनसीएचकी मदद से उन्हें रिफंड मिल गया।






































