अमेरिका की तरफ से धारा 301 के तहत जांच पूरी होने के बाद ही भारत और अमेरिका के बीच होने वाले व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण को फाइनल किया जा सकेगा। एक सरकारी अधिकारी ने सोमवार को ये जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि अगर अमेरिका, भारत पर कोई अतिरिक्त टैरिफ लगाना चाहता है, तो उसे इसके लिए धारा 301 के तहत शुरू जांच की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस प्रक्रिया का 24 जुलाई तक पूरा होना महत्वपूर्ण है, क्योंकि उसके बाद अमेरिका द्वारा लगाया गया 10 प्रतिशत का अस्थायी अतिरिक्त टैरिफ खत्म हो जाएगा और सिर्फ ‘सर्वाधिक तरजीही देश’ (MFN) टैरिफ ही लागू रहेंगे।
USTR ने मार्च में भारत समेत कई देशों के खिलाफ शुरू की थी जांच
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने मार्च में भारत समेत कई देशों के खिलाफ दो मामलों में धारा 301 के तहत एकतरफा जांच शुरू की थी। ये जांच वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में कथित बंधुआ मजदूरी और ‘अत्यधिक उत्पादन क्षमता’ से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने 2 जून को भारत समेत 54 देशों पर 12.5 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा था। ये टैरिफ बंधुआ मजदूरी से बने उत्पादों के आयात पर प्रभावी रोक लगाने में विफल रहने के आरोप में लगाने की बात कही गई। हालांकि, ‘अत्यधिक उत्पादन क्षमता’ से जुड़ी दूसरी जांच की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
जुलाई के मध्य तक फाइनल हो सकता है पहला चरण
इस बीच, भारत अपने प्रतिस्पर्धी देशों जैसे आसियान समूह, श्रीलंका और बांग्लादेश की तुलना में कम टैरिफ लगाने की मांग कर रहा है। पिछले हफ्ते, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि दोनों देश अंतरिम व्यापार समझौते के लंबित मुद्दों को सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और जुलाई के मध्य तक पहले चरण को फाइनल किया जा सकता है। एक अमेरिकी दल ने 2 से 4 जून के बीच भारत का दौरा कर व्यापार समझौते पर चर्चा की।
2025-26 में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा अमेरिका
इस महीने के अंत में जेमीसन ग्रीर के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के भी भारत आने की संभावना है। वित्त वर्ष 2025-26 में अमेरिका, भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा। इस दौरान भारत का अमेरिका को निर्यात 0.92 प्रतिशत बढ़कर 87.3 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 15.95 प्रतिशत बढ़कर 52.9 अरब डॉलर हो गया।






































