सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें नोएडा की DM मेधा रूपम की सैलरी से 5 लाख निकालकर छात्रा आकृति चौधरी को मुआवजा देने को कहा गया था। स्टूडेंट एक्टिविस्ट आकृति चौधरी को नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान NSA के तहत हिरासत में लिया गया था। मेधा रूपम ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सर्वोच्च का दरवाजा खटखटाया था।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नोएडा में अप्रैल में हुए मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा को NSA के तहत हिरासत में लेने के मामले में मेधा रूपम के वेतन से 5 लाख रुपये की मुआवजा राशि काटने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने DM की कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि हिरासत का आदेश बिना ठीक से सोचे-समझे जारी किया गया। अब सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है।
जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और एनके सिंह की बेंच ने छात्रा आकृति चौधरी की NSA हिरासत रद्द करने और मेधा रूपम की आलोचना करने वाले इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर भी रोक लगा दी है। सर्वोच्च अदालत का यह आदेश नोएडा की डीएम मेधा रूपम के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने मेधा रूपम की याचिका को सुनवाई के लिए मंजूर करते हुए नोटिस जारी किया। अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।
सुप्रीम कोर्ट का लिखित आदेश-
सैलरी से क्षतिपूर्ति वसूलने के दिए थे आदेश
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने डीयू से इतिहास में स्नातक की पढ़ाई कर चुकी छात्रा आकृति चौधरी की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि छात्रा की NSA हिरासत राज्य सरकार की ओर से गढ़ी गई कहानी पर आधारित थी। इसके साथ ही इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा था कि 5 लाख रुपये की मुआवजा राशि हिरासत आदेश पारित करने वाली मेधा रूपम और थाना प्रभारी तक के जिम्मेदार अन्य अधिकारियों की सैलरी से वसूल की जाए। अगर किसी दूसरे मामले में आकृति चौधरी की गिरफ्तारी जरूरी नहीं है तो उसे फौरन रिहा कर दिया जाए।
कौन हैं मेधा रूपम?
मेधा रूपम नोएडा की पहली महिला डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) हैं। वह 2014 बैच की IAS अधिकारी हैं। आगरा में जन्मीं मेधा ने अपनी स्कूली शिक्षा केरल में पूरी की और दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया। उन्होंने 2014 में UPSC परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 10 हासिल की थी। नोएडा में पोस्टिंग से पहले, उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में काम किया, जिनमें बरेली, मेरठ, हापुड़ और कासगंज शामिल हैं।
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