देश की सबसे बड़ी कार मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी मारुति सुजुकी की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 42 प्रतिशत हो गई है। मारुति सुजुकी इंडिया ने इस शानदार आकंड़े के साथ नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत की है। बताते चलें कि बीते वित्त वर्ष में मारुति सुजुकी की भारत में बाजार हिस्सेदारी 39 प्रतिशत थी। उद्योग के अनुमानों के अनुसार, कंपनी ने अप्रैल में 1,91,122 गाड़ियों की रिकॉर्ड घरेलू बिक्री दर्ज की और इस दौरान उसकी बाजार हिस्सेदारी में लगभग 3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बताते चलें कि मारुति सुजुकी ने पहले कभी भी एक महीने में इतनी गाड़ियां नहीं बेची थीं। मारुति ने इससे पहले दिसंबर 2025 में सबसे ज्यादा 1,82,165 गाड़ियों की घरेलू बिक्री की थी।
मारुति ने अप्रैल में बेचीं 55,065 एसयूवी
मारुति सुजुकी इंडिया के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मार्केटिंग एंड सेल्स), पार्थो बनर्जी ने बताया कि कंपनी की बाजार हिस्सेदारी में इस ताजा बढ़ोतरी की अगुवाई पैसेंजर कारों ने की है, लेकिन इसमें एसयूवी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा, ”हमने अप्रैल में रिकॉर्ड बिक्री के साथ नए वित्त वर्ष की शानदार शुरुआत की है और बाजार हिस्सेदारी भी हासिल की है।” मारुति सुजुकी ने इस साल अप्रैल में 96,725 पैसेंजर कार की घरेलू बिक्री है। जबकि पिछले साल अप्रैल में ये आंकड़ा 68,244 था। पार्थो बनर्जी ने कहा, ”इस साल अप्रैल में हमने 55,065 एसयूवी की बिक्री की, जो अभी तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। अप्रैल में एसयूवी की बिक्री, पिछले साल अप्रैल की तुलना में 141.6 प्रतिशत ज्यादा है। इसके साथ ही, एसयूपी के मामले में भी हम पहले स्थान के बहुत करीब आ गए हैं।”
अप्रैल में घरेलू बिक्री और निर्यात मिलाकर बिकीं कुल 2,39,646 गाड़ियां
मारुति सुजुकी इंडिया ने इस साल अप्रैल में घरेलू बिक्री और निर्यात को मिलाकर कुल 2,39,646 गाड़ियां बेची हैं, जो पिछले साल अप्रैल की तुलना में 33.29 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी ने अप्रैल में एसयूवी के साथ-साथ छोटी कारों की भी बंपर बिक्री की। कंपनी ने बताया कि पिछले साल अप्रैल में कंपनी ने घरेलू बिक्री और निर्यात दोनों को मिलाकर कुल 1,79,791 गाड़ियों की बिक्री की थी। अप्रैल में ऑल्टो और एस-प्रेसो जैसी छोटी गाड़ियों की बिक्री 16,066 पर पहुंच गई, जो पिछले साल की अप्रैल में 6332 थी। बलेनो, सेलेरियो, डिजायर, इग्निस, स्विफ्ट और वैगनआर जैसी हैचबैक की बिक्री 80,659 रही, जो एक साल पहले 61,912 थी।





































