मिडिल-ईस्ट में तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई बुरी तरह से बाधित हो रही है। दुनियाभर में तेल और गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि, भारत में हालात अभी भी काफी हद तक नियंत्रण में हैं। भारत सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों ने देश में मौजूदा हालातों को लेकर ताजा अपडेट दिया। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि खरीफ 2026 के लिए देश में पर्याप्त बीज उपलब्ध हैं। कृषि इनपुट और रसायनों की किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं है, इसके साथ ही उपलब्धता को बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं। आइए जानते हैं सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों को लेकर क्या अपडेट दिया।
कृषि
- खरीफ 2026 के लिए बीजों की पर्याप्त उपलब्धता है, जिसमें 185.74 लाख क्विंटल की उपलब्धता के मुकाबले 166.46 लाख क्विंटल की आवश्यकता है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 19.29 लाख क्विंटल का अधिशेष है।
- धान (80.9 लाख क्विंटल), सोयाबीन (35.7 लाख क्विंटल), मूंगफली (21.1 लाख क्विंटल), मक्का (11.9 लाख क्विंटल) और दालों (तुअर, मूंग, उड़द) सहित प्रमुख फसलों में अधिशेष की स्थिति है।
- मक्का के बीजों को सुखाने के लिए एलपीजी/पीएनजी के प्राथमिकता आवंटन के साथ-साथ तेल विपणन कंपनियों के माध्यम से निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
- खरीफ और रबी दोनों फसलों 2026 के लिए बीजों की व्यवस्था भी पूरी हो चुकी है।
- कृषि उत्पादों की कीमतें कुल मिलाकर स्थिर हैं और उन पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
- टमाटर, प्याज और आलू की फसलों की कीमतें एक सीमा में हैं और तीनों की कीमतों में मामूली सुधार देखने को मिल रहा है।
खाद और कृषि रसायन
- खरीफ 2026 के लिए 390.54 लाख मीट्रिक टन खाद की जरूरत आंकी गई है, जिसमें से 180 लाख मीट्रिक टन (46 प्रतिशत) प्रारंभिक स्टॉक के रूप में उपलब्ध है, जो सामान्य पूर्व-सीजन स्तर लगभग 33 प्रतिशत से काफी ज्यादा है।
- राज्यों से अनुरोध किया गया है कि वे विशेष अभियान चलाएं ताकि खाद की जमाखोरी, कालाबाजारी, सीमा पार तस्करी या गैर-कृषि उपयोग के लिए खाद का डायवर्जन न हो सके।
- देश में पर्याप्त मात्रा में कृषि रसायन उपलब्ध हैं।
- वर्ष 2025-26 (फरवरी 2026 तक) के दौरान कृषि रसायनों का कुल उत्पादन 2,61,099 मीट्रिक टन है। कुल अनुमानित मांग 74,266 मीट्रिक टन है, जिसमें से लगभग 42,000 मीट्रिक टन की आवश्यकता खरीफ 2026 के दौरान होगी।
पेट्रोल-डीजल
- सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
- देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक बना हुआ है।
- घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया है।
- देश भर में सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
- पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
गैस
- मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव की वजह से एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
- घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
- एलपीजी वितरकों में आपूर्ति बंद होने की कोई सूचना नहीं मिली है।
- ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग में 92 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
- डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी में 53 प्रतिशत से बढ़कर 81 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
- कल 60 लाख से ज्यादा घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए।
- कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई संकट से पहले के स्तर से 70 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई है।
- 23 मार्च, 2026 से अब तक 3.9 लाख से ज्यादा 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।
- कल 5 किलोग्राम के 65,000 से ज्यादा एफटीएल सिलेंडर बेचे गए।
- घरेलू पीएनजी और सीएनजी परिवहन के लिए 100 प्रतिशत सप्लाई के साथ उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई है।
- चालू यूरिया प्लांटों को पिछले 6 महीनों की औसत खपत के लगभग 70-75 प्रतिशत पर गैस की सप्लाई स्थिर है। आपूर्ति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त एलएनजी और आरएलएनजी की व्यवस्था की जा रही है।







































