श्रीलंका ए और भारत ए के बीच त्रिकोणीय शृंखला का मुकाबला दांबुला के रंगिरी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में रोमांच की सभी सीमाएं पार कर गया। पूरे मैच में उतार-चढ़ाव, विवाद, पेनाल्टी रन, आखिरी गेंद का ड्रामा और सुपर ओवर का रोमांच देखने को मिला। अंत में श्रीलंका ए ने सुपर ओवर में भारत ए को हराकर टूर्नामेंट में अपनी दूसरी जीत दर्ज की है।
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी श्रीलंका ए की टीम ने भारत ए के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को शुरुआती झटके दिए। वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह सस्ते में पवेलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान तिलक वर्मा और रुतुराज गायकवाड़ ने पारी को संभालने की कोशिश की और तीसरे विकेट के लिए 52 रन जोड़े। हालांकि मध्यक्रम में लगातार विकेट गिरने से भारतीय टीम मुश्किल में फंस गई।
मौजूद जानकारी के अनुसार एक समय भारत ए का स्कोर 143 रन पर सात विकेट था और टीम बड़े संकट में दिखाई दे रही थी। ऐसे समय में सूर्यांश शेडगे और विपराज निगम ने शानदार जिम्मेदारी दिखाई। दोनों बल्लेबाजों ने आठवें विकेट के लिए 104 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। सूर्यांश शेडगे ने 66 गेंदों में 72 रन बनाए, जबकि विपराज निगम ने 49 गेंदों पर 51 रन की उपयोगी पारी खेली है।
गौरतलब है कि इस साझेदारी का अंत भी नाटकीय अंदाज में हुआ। रन लेने के प्रयास में हुई गलतफहमी के दौरान विपराज निगम रन आउट हुए, लेकिन उन्होंने अपनी विकेट गंवाकर शेडगे को क्रीज पर बनाए रखा। बाद में शेडगे आखिरी विकेट के रूप में आउट हुए और भारत ए की पूरी टीम 49.2 ओवर में 265 रन पर सिमट गई है।
श्रीलंका ए की ओर से विजयकांत वियास्कांत और मोहम्मद शिराज ने तीन-तीन विकेट हासिल किए हैं। बता दें कि भारतीय बल्लेबाजों द्वारा पिच के संरक्षित हिस्से पर दौड़ने के नियम का दो बार उल्लंघन किया गया, जिसके चलते श्रीलंका ए को कुल 10 पेनाल्टी रन दिए गए। इसी कारण मेजबान टीम ने अपनी पारी 10 रन बिना किसी गेंद के शुरू की है।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका ए की शुरुआत अच्छी रही। हालांकि शुरुआती विकेट गिरने के बाद सदीरा समरविक्रमा ने पारी को संभाला और शानदार 93 रन बनाए। उन्होंने निरोशन डिकवेला, वनुजा साहन और विजयकांत वियास्कांत के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं। एक समय श्रीलंका ए जीत के बेहद करीब दिखाई दे रही थी।
लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में जबरदस्त वापसी की। आखिरी गेंद पर रन आउट के साथ दोनों टीमों का स्कोर 265 रन पर बराबर हो गया। इस दौरान लेग बाई को लेकर भारतीय कप्तान तिलक वर्मा और अंपायरों के बीच चर्चा भी देखने को मिली है।
मैच का फैसला सुपर ओवर से हुआ। पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ए ने 18 रन बनाए। इस ओवर में नो-बॉल पर लगे एक छक्के को लेकर भी विवाद हुआ। जवाब में भारत ए की टीम 19 रन का लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी। सूर्यांश शेडगे और वैभव सूर्यवंशी क्रीज पर थे, लेकिन श्रीलंका के गेंदबाज कुगाथास माथुलान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए भारत को लक्ष्य से सात रन दूर रोक दिया है।
इस जीत के साथ श्रीलंका ए ने त्रिकोणीय शृंखला में शीर्ष स्थान मजबूत कर लिया है। वहीं भारत ए को रोमांचक मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है। मैच समाप्त होने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच मैदान पर तीखी बहस और तनावपूर्ण माहौल भी देखने को मिला है।







































