
वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव एम. नागराजू ने शुक्रवार को सरकारी बैंकों के प्रमुखों से कहा कि वे अपनी सब्सिडरी कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट करने के लिए कड़ी मेहनत और तेजी के साथ काम करें। केनरा एचएसबीसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के लिस्टिंग सेरेमनी में नागराजू ने कहा कि उनके नेतृत्व वाले विभाग के अंतर्गत 100 से ज्यादा संस्थाएं और सब्सिडरी कंपनियां आती हैं। उन्होंने आईपीओ के फायदे भी गिनाए। उन्होंने कहा कि लिस्टिंग शेयरहोल्डरों के लिए वैल्यू बढ़ाने में मदद करती है और कंपनियों के कंपनी ऑपरेशन स्टैंडर्ड को भी बढ़ाती है। बताते चलें कि केनरा बैंक की कंपनी केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट अभी हाल ही में शेयर बाजार में लिस्ट हुई है।
कई बड़े सरकारी बैंकों के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर भी कार्यक्रम में थे मौजूद
कार्यक्रम में मौजूद बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया सहित कई बड़े संस्थानों के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ की ओर विशेष रूप से इशारा करते हुए, नागराजू ने सरकार की अपेक्षाओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, ”यहां सभी मौजूद हैं। मुझे उम्मीद है कि उन्हें संदेश मिल रहा होगा। आपको अपनी कुछ सब्सिडरी कंपनियों को शेयर मार्केट में लिस्ट कराने के लिए और भी ज्यादा मेहनत और तेजी से काम करना चाहिए, ताकि देश के लोग वैल्यू क्रिएशन में भागीदार बन सकें।”
इंश्योरेंस कंपनियों को ईमानदारी से क्लेम सेटलमेंट करने की अपील
वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि डीएफएस कंपनियों को उनके अच्छी तरह बढ़ जाने के बाद लिस्ट करना चाहेगा। उन्होंने कहा, ”किसी कंपनी को लिस्ट करने का मुख्य उद्देश्य वैल्यू क्रिएशन और कंपनी ऑपरेशन में सुधार करना है।” नागराजू ने इंश्योरेंस कंपनियों से ये सुनिश्चित करने के लिए भी कहा कि वे बिना किसी रणनीति का सहारा लिए ईमानदारी से क्लेम सेटलमेंट को अंजाम दें। एम. नागराजू ने कहा कि बाजार बेहतर क्लेम सेटलमेंट रेश्यो वाली कंपनियों को पुरस्कृत करता है।






































