केंद्र सरकार ने गुरुवार को सोना, चांदी और प्लैटिनम से जुड़े सभी प्रकार के आर्टिकल्स के आयात पर सख्ती बढ़ा दी है। इस कदम का मकसद फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के दुरुपयोग को रोकना है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, ये प्रतिबंध किसी भी पूर्व अनुबंध, अपरिवर्तनीय लेटर ऑफ क्रेडिट, अग्रिम भुगतान या शिपमेंट की स्थिति से परे लागू होंगे। पीटीआई की खबर के मुताबिक, नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया गया है कि इस फैसले के तहत किसी भी प्रकार की ट्रांजिशनल व्यवस्था का लाभ नहीं मिलेगा और संशोधित नीति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
सभी उत्पादों पर लागू होगा
खबर के मुताबिक, सरकार ने बताया कि यह बदलाव चैप्टर 71 के तहत आने वाले सभी उत्पादों पर लागू होगा, जिसमें प्राकृतिक या कल्चर्ड मोती, कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर, कीमती धातुएं, इनसे बने आर्टिकल्स, नकली आभूषण और सिक्के शामिल हैं। इससे पहले, 1 अप्रैल को सरकार ने सोने, चांदी और प्लैटिनम के आभूषणों के आयात पर भी प्रतिबंध लगाए थे। अब इन सभी की श्रेणियों पर व्यापक नियंत्रण लागू हो गया है।
कुछ आयातक FTA का गलत इस्तेमाल कर रहे
उद्योग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि कुछ आयातक भारत-आसियान FTA का गलत इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने सरकार से लाइसेंसिंग प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग की, ताकि ईमानदार कारोबारियों को परेशानी न हो। भारत और 10 देशों के दक्षिण-पूर्व एशियाई संगठन आसियान के बीच 2010 से वस्तुओं के व्यापार के लिए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू है। इससे पहले, सरकार नवंबर में कुछ प्रकार के प्लैटिनम आभूषणों और सितंबर 2025 में चांदी के आभूषणों के आयात पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगा चुकी है।
अधिकारियों के मुताबिक, कुछ व्यापारी शुल्क में अंतर का फायदा उठाकर और टैरिफ से बचने के लिए थाईलैंड जैसे देशों से बिना जड़े आभूषण के नाम पर इन धातुओं का आयात कर रहे थे। सरकार का यह कदम ऐसे दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है। साल 2026 में सोने और चांदी की कीमत ने अबतक भारी उतार-चढ़ाव का सामना किया है। आने वाले दिनों में भी इन धातुओं की कीमतों में भारी उलटफेर देखने को मिल सकता है।







































