पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF लंबे समय से भारत में सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न देने वाली लोकप्रिय निवेश योजनाओं में से एक माना जाता है। इसमें निवेशक हर साल एक निश्चित राशि जमा कर एक बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। अगर कोई निवेशक हर साल अधिकतम ₹1,50,000 की एकमुश्त राशि PPF में निवेश करता है, तो 15 साल की परिपक्वता अवधि के बाद उसे कितना रिटर्न मिलेगा, यह जानना कई लोगों के लिए दिलचस्प और महत्वपूर्ण हो जाता है। आइए समझते हैं इस निवेश का पूरा कैलकुलेशन और संभावित मैच्योरिटी अमाउंट।
पीपीएफ की ब्याज दर
भारत सरकार की लंबी अवधि वाली बचत योजना पब्लिक प्रोविडेंट फंड में मौजूदा समय में 7.1 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है। वित्त मंत्रालय समय-समय पर पीपीएफ की ब्याज दर की समीक्षा करता है। पीपीएफ अकाउंट की मैच्योरिटी अवधि 15 साल है। पीपीएफ अकाउंट बैंक या पोस्ट ऑफिस में से किसी एक जगह ही खोला जा सकता है। यानी इसका एक से ज्यादा अकाउंट ओपन नहीं कराया जा सकता है। इस अकाउंट में सालाना 1.50 लाख रुपये तक जमा किया जा सकता है। इससे ज्यादा राशि साल में आप जमा नहीं कर सकते।
1,50,000 एकमुश्त जमा पर रिटर्न का कैलकुलेशन
अगर आप वित्तीय वर्ष की शुरुआती महीने यानी अप्रैल महीने में राशि जमा करते हैं तो आपको पूरे साल का ब्याज मिलेगा। यहां यह भी कोशिश होनी चाहिए कि यह जमा 5 तारीख तक हो तो बेहतर होगा। अब अगर आप मान लीजिए 1,50,000 रुपये अप्रैल में जमा करते हैं तो 7.1 प्रतिशत ब्याज के आधार पर पीपीएफ कैलकुलेशन के मुताबिक, मैच्योरिटी यानी 15 साल बाद आपके पास कुल ₹40,68,209 का बड़ा फंड जमा हो जाएगा। इसमें ₹22,50,000 आपकी तरफ से निवेश की रकम है और ₹18,18,209 आपको इस निवेश के बदले मिला रिटर्न शामिल है।
PPF से जुड़ी ये बातें जान लें
- किसी भी एक वित्तीय वर्ष में खाता सक्रिय रखने के लिए कम से कम ₹500 जमा करना आवश्यक है। आप एक वर्ष में अधिकतम ₹1.5 लाख तक निवेश कर सकते हैं। इससे अधिक राशि पर न तो ब्याज मिलता है और न ही टैक्स छूट।
- PPF उन चुनिंदा निवेशों में से एक है जो EEE (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी में आते हैं। निवेश की गई राशि पर टैक्स छूट (80C के तहत)। सालाना मिलने वाले ब्याज पर कोई टैक्स नहीं। मैच्योरिटी के समय मिलने वाली पूरी राशि पूरी तरह कर-मुक्त है।
- PPF की मूल मैच्योरिटी अवधि 15 वर्ष है। हालांकि, यदि आप इस फंड को और बढ़ाना चाहते हैं, तो मैच्योरिटी के बाद इसे 5-5 साल के ब्लॉक में अनिश्चित काल के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।







































