देश की दिग्गज इंफ्रा कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को जेएसडब्ल्यू स्टील से एक बड़ा ठेका मिला है। इस ठेके की वैल्यू 10,000 करोड़ रुपये से 15,000 करोड़ रुपये तक बताई जा रही है। लार्सन एंड टुब्रो ने बुधवार को एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उन्होंने एक ‘Mega’ डील जीती है। इस डील के जरिए, जेएसडब्ल्यू स्टील साल 2031 तक अपनी रणनीतिक वृद्धि योजना के तहत अपनी कच्चे इस्पात प्रसंस्करण क्षमता को 3.5 करोड़ टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) से बढ़ाकर 5 करोड़ टन प्रति वर्ष से ज्यादा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके अनुरूप, एलएंडटी को कर्नाटक के बल्लारी और ओडिशा के पारादीप स्थित जेएसडब्ल्यू के प्लांटों में मुख्य रूप से ब्लास्ट फर्नेस तथा स्टील मेल्ट शॉप सहित महत्वपूर्ण प्रक्रिया सुविधाओं की इंजीनियरिंग, खरीद एवं स्थापना का काम सौंपा गया है।
32 अरब डॉलर की भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी है लार्सन एंड टुब्रो
एलएंडटी ने बुधवार को शेयर बाजारों को दी गई सूचना में कहा, ”एलएंडटी के खनिज एवं धातु व्यवसायिक खंड को घरेलू धातु क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा ठेका मिला है। ये ठेका जेएसडब्ल्यू स्टील से मिला है।” एलएंडटी और जेएसडब्ल्यू स्टील के बीच तीन दशकों से ज्यादा समय से जटिल धातुकर्म परियोजनाओं के निष्पादन में गहरा सहयोग कायम है। लार्सन एंड टुब्रो 32 अरब डॉलर की भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी है जो इंजीनियरिंग, खरीद एवं निर्माण (ईपीसी) परियोजनाओं, उच्च प्रौद्योगिकी विनिर्माण, उत्पादों तथा सेवाओं के क्षेत्र में विभिन्न क्षेत्रों और देशों में कार्यरत है।
लार्सन एंड टुब्रो के एकीकृत शुद्ध लाभ में 3% की गिरावट
बताते चलें कि एलएंडटी ने मंगलवार को अपने वित्तीय नतीजे जारी किए थे। वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में एलएंडटी का एकीकृत शुद्ध लाभ 3 प्रतिशत घटकर 5,326 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में लार्सन एंड टुब्रो का शुद्ध लाभ 5,497 करोड़ रुपये था। कंपनी के लाभ में ये गिरावट मुख्य रूप से उच्च तुलनात्मक आधार प्रभाव के कारण रही, क्योंकि वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में 475 करोड़ रुपये का अपवादस्वरूप लाभ शामिल था। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रत्येक शेयर पर 38 रुपये के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है।







































