टेस्ट क्रिकेट में बड़ी साझेदारियां किसी भी मैच का रुख बदलने की ताकत रखती हैं और ट्रेंट ब्रिज में न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाजों ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया हैं। इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे श्रृंखला के निर्णायक तीसरे टेस्ट के पहले ही दिन टॉम लैथम और डेवोन कॉनवे ने बल्ले से ऐसा कमाल किया, जिसने रिकॉर्ड पुस्तिका में नया अध्याय जोड़ दिया है।
श्रृंखला फिलहाल 1-1 की बराबरी पर थी और दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा था। ऐसे में टॉम लैथम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, लैथम और कॉनवे ने पहले विकेट के लिए 317 रन की विशाल साझेदारी करते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों को पूरे दिन संघर्ष करने पर मजबूर कर दिया।
बता दें कि टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड के खिलाफ किसी भी न्यूजीलैंडी सलामी जोड़ी की यह सबसे बड़ी साझेदारी बन गई हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सन् 1930 में स्टूई डेम्पस्टर और जैकी मिल्स के नाम था, जिन्होंने वेलिंगटन टेस्ट में 276 रन की साझेदारी की थी। लगभग 96 साल बाद लैथम और कॉनवे ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया हैं।
इतना ही नहीं, न्यूजीलैंड की यह साझेदारी विदेशी धरती पर किसी भी विकेट के लिए दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी भी बन गई हैं। इस सूची में अब केवल टेरी जार्विस और ग्लेन टर्नर की 1972 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 387 रन की साझेदारी ही इससे आगे हैं। गौरतलब है कि इंग्लैंड की धरती पर न्यूजीलैंड की ओर से यह अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी भी दर्ज हुई।
टॉम लैथम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 214 गेंदों में 151 रन बनाए। उनकी पारी में 15 चौके शामिल रहे। उन्होंने शुरुआत से ही संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन बनाए रखा। आखिरकार इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने उन्हें बाहरी किनारा लगाने पर मजबूर किया, जिसे विकेटकीपर जेमी स्मिथ ने शानदार तरीके से लपक लिया। इसके साथ ही 317 रन की ऐतिहासिक साझेदारी का अंत हुआ हैं।
लैथम के आउट होने के अगले ही ओवर में डेवोन कॉनवे भी पवेलियन लौट गए। कॉनवे ने 224 गेंदों में 157 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 22 चौके और तीन छक्के शामिल रहे। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने पूरे समय धैर्य और शानदार शॉट चयन का परिचय दिया। उनकी बल्लेबाजी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को लगातार दबाव में बनाए रखा।
इंग्लैंड के गेंदबाज पूरे दिन विकेट के लिए संघर्ष करते नजर आए। सपाट पिच और गर्म मौसम में बेन स्टोक्स तथा गस एटकिंसन जैसे अनुभवी गेंदबाज भी ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके। हालांकि स्टोक्स ने लगातार कोशिश जारी रखी और आखिरकार 72 ओवर से अधिक समय बाद टीम को पहली सफलता दिलाई।
गौरतलब है कि न्यूजीलैंड इस मुकाबले में अपने कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के बिना उतर रहा हैं। मैट हेनरी, ग्लेन फिलिप्स और काइल जैमीसन जैसे अहम खिलाड़ी उपलब्ध नहीं थे, लेकिन इसके बावजूद टीम के सलामी बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी संभालते हुए शानदार प्रदर्शन किया।
यह टॉम लैथम के टेस्ट करियर का 17वां शतक रहा, जबकि डेवोन कॉनवे ने अपने करियर का आठवां टेस्ट शतक लगाया हैं। दोनों बल्लेबाजों की इस ऐतिहासिक साझेदारी ने न केवल न्यूजीलैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है, बल्कि निर्णायक टेस्ट में मनोवैज्ञानिक बढ़त भी दिला दी हैं। अब दूसरे दिन इंग्लैंड के सामने वापसी करना आसान नहीं होगा, क्योंकि न्यूजीलैंड पहले ही मैच पर मजबूत पकड़ बना चुका है।





































