
लगातार कई दिनों की कमजोरी झेल रहे इन्वेस्टर्स को आखिरकार कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन राहत की सांस मिली। शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुआ और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों में मजबूती देखने को मिली। कारोबार के दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जबकि बैंकिंग इंडेक्स ने लगातार चौथे दिन बढ़त दर्ज की। हालांकि रियल्टी, फार्मा और ऑटो सेक्टर में दबाव बना रहा, लेकिन डिफेंस और मेटल शेयरों की चमक ने बाजार को सहारा दिया।
दिन के अंत में सेंसेक्स 223.86 अंक की बढ़त के साथ 81,207.17 के लेवल पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 57.95 अंक की मजबूती के साथ 24,894.25 पर टिकने में कामयाब रहा। आइए जानते हैं वो 5 बड़े कारण जिनकी वजह से बाजार ने गिरावट से पलटवार किया और हरे निशान पर बंद हुआ।
1. मेटल शेयरों में खरीदारी का जोर
आज की रैली की सबसे बड़ी वजह मेटल स्टॉक्स रहे। टाटा स्टील करीब 3% चढ़ा और निफ्टी-50 का टॉप गेनर बना। दरअसल, यूरोपियन यूनियन की ओर से स्टील इंपोर्ट कोटा घटाने और 50% ड्यूटी लगाने की खबर के बाद इन्वेस्टर्स का भरोसा बढ़ा। ब्रोकरों का मानना है कि टाटा स्टील और सेल (SAIL) पर इसका असर सीमित रहेगा, जबकि टाटा स्टील की डच यूनिट को फायदा हो सकता है।
2. सरकार का कैपिटल खर्च बढ़ाने का भरोसा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैपिटल एक्सपेंडिचर को और बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। अप्रैल-जून तिमाही में 7.8% की तेज जीडीपी ग्रोथ ने सरकार को और ताकत दी है। इस ऐलान से इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स सेक्टर के शेयरों में रौनक लौटी।
3. क्रूड ऑयल की गिरावट
ब्रेंट क्रूड लगातार तीसरे दिन लुढ़ककर 16 हफ्ते के निचले लेवल पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भारत का इंपोर्ट बिल और महंगाई दोनों पर दबाव घटता है। इसका सीधा फायदा घरेलू इक्विटीज को मिला।
4. ग्लोबल मार्केट से मिले पॉजिटिव संकेत
एशियाई बाजारों में जापान और साउथ कोरिया के इंडेक्स में मजबूती रही, जबकि अमेरिकी बाजार गुरुवार को रिकॉर्ड हाई पर बंद हुए। टेक्नोलॉजी शेयरों की तेजी और फेड रेट कट की उम्मीदों ने भारतीय बाजार की सेंटीमेंट को सपोर्ट किया।
5. वैल्यू बाइंग का फायदा
लगातार आठ दिन की गिरावट के बाद इन्वेस्टर्स ने वैल्यू बाइंग का सहारा लिया। इससे इंडेक्स इंट्राडे लो से रिकवर कर मजबूती के साथ बंद हुआ।






































