
कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन यानी शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला। सेंसेक्स 344.52 अंक की गिरावट के साथ 84,211.88 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 96.25 अंक फिसलकर 25,795.15 पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव बना रहा। बैंक, फार्मा, एफएमसीजी, ऑटो और आईटी इंडेक्स में गिरावट देखी गई, वहीं मेटल शेयरों में खरीदारी रही। डिफेंस और तेल-गैस इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुए।
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार में गिरावट के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण रहा प्रॉफिट बुकिंग यानी निवेशकों ने हाल ही में हासिल हुए लाभ को कैश में बदलना शुरू किया। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेस, FMCG, IT और ऑटो शेयरों में बिकवाली हुई। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बाजार में कल भारत और अमेरिका के बीच संभावित ट्रेड डील की खबर से जोरदार तेजी आई थी, लेकिन भारत की ओर से इसे पुष्ट नहीं किया गया। इससे बुल्स का उत्साह फीका पड़ गया और शॉर्ट कवरिंग के और मौके नहीं बने।
FII ने बेचे शेयर
दूसरा बड़ा कारण FII Selling रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 1,165.94 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जो लगातार पांच सत्रों की खरीदारी के बाद आया। इस बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव डाला। इसके अलावा, India VIX में बढ़ोतरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। India VIX 1 प्रतिशत बढ़कर 11.84 पर पहुंच गया, जो निकट भविष्य में बाजार में अनिश्चितता को दर्शाता है।
टेक्निकल एनालिस्ट की राय
टेक्निकल एनालिस्ट आनंद जेम्स के मुताबिक, “अगर निफ्टी 25,830–25,780 के स्तर से नीचे नहीं जाता, तो थोड़ी रेंज-बाउंड एक्टिविटी देखने को मिल सकती है। लेकिन अगर यह 26,000 का स्तर पार नहीं कर पाया, तो गिरावट फिर से तेज हो सकती है और निफ्टी 25,590–25,400 तक जा सकता है।” इस प्रकार, हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। FMCG और ऑटो सेक्टर की बिकवाली ने खासतौर पर निवेशकों के दिलों को झटका दिया, जबकि मेटल और डिफेंस सेक्टर ने कुछ हद तक बाजार को संतुलित रखा।





































