दिल्ली में काम करने वाले लाखों गिग वर्कर्स और श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें काम के बीच न सिर्फ आराम करने की सुविधा मिलेगी, बल्कि सस्ता भोजन भी एक ही जगह उपलब्ध होगा। इसके साथ ही झुग्गी में रहने वाले सैकड़ों परिवारों को पक्के घर का सपना भी पूरा होने जा रहा है। दिल्ली सरकार ने इस दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए कई अहम योजनाओं को मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) की 35वीं बैठक में यह फैसला लिया गया कि गिग वर्कर्स और श्रमिकों के लिए रेस्ट सेंटर बनाए जाएंगे। खास बात यह है कि इन रेस्ट सेंटर को अटल कैंटीन से जोड़ा जाएगा, ताकि काम के दौरान लोग आराम के साथ सस्ता और पौष्टिक खाना भी खा सकें। सरकार ने डूसिब को निर्देश दिए हैं कि वह ऐसे स्थानों की पहचान करे जहां ये सुविधाएं शुरू की जा सकें। इसके अलावा इन जगहों पर जरूरी जन सुविधाएं जैसे यूरिनल आदि भी बनाए जाएंगे।
717 परिवारों को मिलेगा पक्का घर
दिल्ली सरकार ने झुग्गीवासियों के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। सावदा-घेवरा में बने ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स में 717 परिवारों को घर देने का फैसला लिया गया है। इनमें 528 पात्र और 189 अपात्र श्रेणी के लोग शामिल हैं, जो अलग-अलग बस्तियों से आते हैं। यह कदम उन परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा जो लंबे समय से बेहतर आवास का इंतजार कर रहे थे।
बुनियादी ढांचे को किया जाएगा मजबूत
सरकार ने अटल कैंटीन के संचालन को भी नए तरीके से व्यवस्थित करने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही सुल्तानपुरी में बने 1060 ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स की मरम्मत भी कराई जाएगी, ताकि लोग बेहतर हालत में वहां रह सकें।
परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए बड़ा फैसला
डूसिब के सीईओ की वित्तीय स्वीकृति सीमा को 3 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही शेल्टर होम्स का संचालन कर रही एजेंसियों का कार्यकाल भी बढ़ा दिया गया है, ताकि सेवाएं बाधित न हों।









































