Raghav Chadha भारतीय राजनीति में एक ऐसे युवा नेता के रूप में उभरे हैं, जिन्होंने कम समय में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े चड्ढा वर्तमान में पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उन्हें सदन के सबसे युवा सांसदों में गिना जाता है। राघव चड्ढा 2022 से राज्यसभा में पंजाब का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वर्ष 2026 में पार्टी के अंदर संगठनात्मक बदलाव के तहत उन्हें राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाया गया, जिसे AAP की आंतरिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इसके बावजूद संसद में उनकी सक्रियता लगातार बनी हुई है।
राजनीतिक सफर की शुरुआत
चड्ढा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2012 के आसपास AAP के साथ की। वह India Against Corruption आंदोलन से जुड़े और भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई। महज 26 साल की उम्र में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया और बाद में वे पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल हो गए।
चुनावी राजनीति में भूमिका
2019 में उन्होंने दक्षिण दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ा। हालांकि, इसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2020 में वे दिल्ली की राजेंद्र नगर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। 2022 में उन्हें पंजाब से राज्यसभा भेजा गया, जहां से उन्होंने राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की।
प्रमुख जिम्मेदारियां और योगदान
राघव चड्ढा दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं और AAP के प्रमुख मीडिया चेहरों में शामिल रहे हैं। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति और प्रचार अभियान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
संसद में उठाए गए अहम मुद्दे
राज्यसभा में चड्ढा ने कई जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है:
- डिजिटल अधिकार: मोबाइल रिचार्ज खत्म होने पर incoming कॉल और SMS बंद करने का विरोध करते हुए “Right to Communication” को मौलिक अधिकार बनाने की मांग की।
- टोल व्यवस्था: टोल प्लाजा सिस्टम को “कानूनी लूट” बताते हुए लंबी कतारों, खराब सड़कों और अधिक शुल्क का मुद्दा उठाया।
- एयरपोर्ट पर महंगाई: एयरपोर्ट पर खाने-पीने की ऊंची कीमतों को लेकर सस्ती सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की, जिसके बाद कुछ सुधारात्मक पहलें भी देखने को मिलीं।
- गिग वर्कर्स के अधिकार: डिलीवरी एजेंट और ऐप आधारित कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा की जरूरत पर जोर दिया।
- Right to Recall: जनप्रतिनिधियों को उनके कार्यकाल के बीच हटाने के अधिकार को लेकर प्रस्ताव रखा।
शिक्षा और पेशेवर पृष्ठभूमि
राघव चड्ढा ने दिल्ली के मॉडर्न स्कूल से स्कूली शिक्षा प्राप्त की और Delhi University से स्नातक किया। वह पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उन्होंने London School of Economics से उच्च शिक्षा हासिल की है। राजनीति में आने से पहले उन्होंने Deloitte और Grant Thornton जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में काम किया।






































