
बाल ठाकरे
महाराष्ट्र की राजनीति को करीब चार दशक तक अपने इशारों पर नचाने वाले शिवसेना संस्थापक बाला साहब ठाकरे की आज पुण्यतिथि है। बता दें कि उनका 17 नवंबर 2012 को मुंबई में निधन हो गया था। एक समय था जब महाराष्ट्र की राजनीति में बाल ठाकरे की तूती बोलती थी। राज्य की सत्ता किसी के भी हाथ में क्यों न हो लेकिन बाल ठाकरे का औरा हमेशा कायम रहा। आज उनकी पुण्यतिथि के मौके पर हम उनसे जुड़े दिलचस्प किस्सों से आपको बताएंगे।
पेशे से कार्टूनिस्ट रहे बाल ठाकरे को महाराष्ट्र में शिवसेना का गठन करने के उपरांत प्रखर हिंदू राष्ट्रवादी नेता के रूप में अपनी पहचान मिली। वह मराठी में अपने संगठन का मुखपत्र ‘सामना’ निकाला करते थे, जो आज भी प्रकाशित हो रहा है। फिल्मी जगत से उनका डीप कनेक्शन रहा है। सलमान से लेकर अमिताभ बच्चन तक, बुरे वक्त में उन्होंने हर स्टार की हर संभव मदद की थी। एक्टर संजय दत्त जब टाडा कानून के तहत मुश्किल में घिरे थे, उस समय में उन्हें बाल ठाकरे से हर संभव मदद मिली थी।
सलमान खान से जुड़ा किस्सा?
ऐसा कहा जाता है कि बॉलीवुड की दुनिया में जब भी किसी स्टार के करियर के उपर मुसीबत आती थी, तो ये स्टार्स मातोश्री का रुख करने में बिलकुल हिचक नहीं करते थे। बाला साहेब के निकट लोगों की मानें तो सलमान खान की भी बाला साहब ने काफी मदद की थी। वर्ष 2005 में एक रिकॉर्डेड फोन कॉल रिलीज किया गय़ा था, जिसमें सलमान एक डॉन का नाम लेकर धमकी दे रहे थे। इसके बाद शिवसेना और बीजेपी, दोनों ने सलमान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। सिनेमाघरों में तोड़फोड़ की गई और मुंबई-दिल्ली जैसे शहरों में सलमान की फिल्मों की स्क्रीनिंग रोक दी गई। इसके बाद जब खान परिवार ने बाल ठाकरे साहब से संपर्क किया तो उन्होंने अपना पूरा सहयोग देने का वादा किया। बाला ठाकरे के इशारे पर ही सलमान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कम हो गए। इसके बाद केस कोर्ट में गया और ये पाया गया कि इस बातचीत में सलमान की आवाज थी ही नहीं।
अमिताभ बच्चन से अच्छी बनती थी
कहा जाता है कि बॉलीवुड के शहंशाह यानी अमिताभ बच्चन से भी बाल ठाकरे साहब की अच्छी बनती थी। अमिताभ बच्चन पर भी जब बोफोर्स घोटाले के छीटें पड़े, तब भी बाला साहेब ने अमिताभ को हिम्मत दी थी। ट्विटर पर अमिताभ बताते हैं कि बाला साहब ने मुझसे पूछा कि सच बताओ क्या तुम इस घोटाले में शामिल हो? मेरा जवाब सुनन के बाद कहा घबराओ मत मैं तुम्हारे साथ हूं।
दिलीप कुमार से थी गहरी दोस्ती
कहा जाता है कि अभिनेता दिलीप कुमार यानी यूसुफ खान और बाल ठाकरे के बीच एक वक्त बेहद गहरी दोस्ती थी। दिलीप कुमार उस वक्त इंडस्ट्री के बड़े नाम थे और बाल ठाकरे तेजी से उभरते राजनेता। दोनों की दोस्ती समय के साथ और गहरी होती गई। लेकिन साल 1998 में जब बाला साहब ने ये मांग की कि दिलीप कुमार को पाकिस्तान सरकार के दिए निशान-ए- इम्तियाज पुरस्कार को लौटा देना चाहिए, तो दोनों के रिश्तों में खटास आ गई। ठाकरे ने एक इन्टरव्यू में कहा था- “दिलीप साहब मेरे साथ शाम की बैठकी लगाया करते थे, लेकिन बाद में पता नहीं क्या हुआ कि वो मुझसे दूर होते चले गए।” वहीं, बाला ठाकरे के निधन पर दिलीप कुमार ने कहा था, ‘मैंने कभी उन्हें टाइगर नहीं माना, मेरी नजर में तो वो शेर थे। मुझे याद है जब उन्होंने हमारे बीच आए फासले को मसाला चाय की चुस्कियों के साथ ही खत्म कर दिया था।’
कार्टूनिस्ट के तौर पर की थी करियर की शुरुआत
23 जनवरी 1926 को महाराष्ट्र के पुणे में जन्मे बाला साहेब ने अपने करियर की शुरुआत एक कार्टूनिस्ट के तौर पर की थी। उन्होंने ‘द फ्री प्रेस जर्नल’ से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ में भी उनके कार्टून छपे। 1960 में उन्होंने यह नौकरी छोड़ दी और ‘मार्मिक’ नाम से अपनी खुद की पॉलिटिकल मैग्जीन शुरू कर दी थी। उन्होंने 1966 में शिवसेना के नाम से राजनीतिक पार्टी बनाई।
बता दें कि बाल ठाकरे का जन्म पुणे शहर में 23 जनवरी, 1926 को हुआ था। प्यार से लोग उन्हें ‘बाला साहेब’ भी कहते थे। उनके पिता का नाम केशव सीताराम ठाकरे और माता रमाबाई केशव ठाकरे थीं। बाला साहेब के 8 भाई बहन थे, वे नौ भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। उनका परिवार ‘मराठी चन्द्रसैन्य कायस्थ प्रभु’ जाति से संबंध रखता था। बाला साहेब के बारे में यह भी कहा जाता है कि वो अपनी बात को खुलेआम हर मंच पर कहते थे, जिसे लेकर कई बार कन्ट्रोवर्सी भी पैदा हुई थी।







































