
Sugar Export: गन्ना किसानों के लिए एक अच्छी खबर आई है। सरकार ने अक्टूबर से शुरू होने वाले 2025-26 चीनी सत्र के लिए 15 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति देने का फैसला किया है। केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने रविवार को ये जानकारी दी। प्रल्हाद जोशी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को 7 नवंबर को लिखे पत्र में कहा कि केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने शीरा से 50 प्रतिशत निर्यात शुल्क हटाने का भी फैसला किया है। देश में गन्ना किसानों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए निर्यात संबंधी फैसले की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई है।
2024-25 चीनी सत्र में आवंटन के मुकाबले काफी कम हुआ चीनी का निर्यात
केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा, ”चालू चीनी सत्र के लिए भी केंद्र सरकार ने 15 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति देने का फैसला किया है और शीरे पर 50 प्रतिशत निर्यात शुल्क हटा दिया गया है।” भारत ने सितंबर में समाप्त हुए 2024-25 चीनी सत्र के दौरान 10 लाख टन आवंटन के मुकाबले लगभग 8,00,000 टन चीनी का निर्यात किया था।
चीनी मिलों ने इथेनॉल निर्माण के लिए केवल 34 लाख टन चीनी का किया इस्तेमाल
खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने हाल ही में कहा कि सरकार जरूरत से ज्यादा स्टॉक जमा होने के कारण चीनी निर्यात की अनुमति देने पर विचार कर रही है क्योंकि इथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी का इस्तेमाल अपेक्षा से कम रहा है। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों ने 2024-25 में इथेनॉल निर्माण के लिए केवल 34 लाख टन चीनी का इस्तेमाल किया, जो अनुमानित 45 लाख टन से काफी कम है, जिसके परिणामस्वरूप चालू सीजन के लिए शुरुआती स्टॉक ज्यादा है। संजीव चोपड़ा ने कहा कि 2025-26 में चीनी उत्पादन 34 लाख टन तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि सालाना घरेलू मांग 285 लाख टन है।







































