मोदी सरकार ने अहमदाबाद के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। अब शहर से सीधे सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक मेट्रो से पहुंचना और भी आसान होने वाला है। केंद्र सरकार की मोदी कैबिनेट ने अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2ए विस्तार को मंजूरी दे दी है। करीब 2,169 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से शहर की पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को नई मजबूती मिलेगी। खास बात यह है कि यह परियोजना 2030 में प्रस्तावित कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों में भी अहम भूमिका निभाएगी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कोटेश्वर रोड से सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक लगभग 6 किलोमीटर लंबे मेट्रो विस्तार को मंजूरी दी है। इस नए कॉरिडोर के बनने के बाद यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए सड़क यातायात पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।
चार एलिवेटेड और एक अंडरग्राउंड स्टेशन
परियोजना के तहत कुल पांच नए स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें चार स्टेशन एलिवेटेड (ऊंचाई पर) होंगे, जबकि एक स्टेशन भूमिगत बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य अगले चार वर्षों में इस परियोजना को पूरा करने का है।
कॉमनवेल्थ गेम्स को मिलेगा बड़ा सहारा
अहमदाबाद 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। मेट्रो का यह विस्तार प्रस्तावित कॉमनवेल्थ एन्क्लेव को एयरपोर्ट से जोड़ेगा। इससे खिलाड़ियों, अधिकारियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आसानी से यात्रा करने की सुविधा मिलेगी।
अहमदाबाद, गांधीनगर और GIFT City की कनेक्टिविटी होगी बेहतर
सरकार के अनुसार नया मेट्रो कॉरिडोर अहमदाबाद, गांधीनगर, GIFT City और एयरपोर्ट के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करेगा। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विसेस के साथ भी बेहतर एकीकरण होगा, जिससे यात्रियों को मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट सुविधा मिल सकेगी।
कई महत्वपूर्ण इलाकों को मिलेगा फायदा
नई मेट्रो लाइन से सरदार नगर, कोटेश्वर, साबरमती रिवरफ्रंट क्षेत्र और आसपास के तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे इन क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का अनुमान है कि इस परियोजना से निर्माण और संचालन के दौरान लगभग 2,500 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। साथ ही खेल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में शहरी विकास को भी गति मिलेगी।
78 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा मेट्रो नेटवर्क
इस विस्तार के पूरा होने के बाद अहमदाबाद मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई बढ़कर 78 किलोमीटर हो जाएगी। इससे शहर में सार्वजनिक परिवहन और मजबूत होगा तथा निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।







































