NEET पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई कर रही है। अभी तक की जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है। आरोपी दिनेश ने 10 बच्चों को गेस पेपर बेचा था और उन 10 बच्चों से नगद में पैसा लिया था। खुद का पैसा रिकवर करने के लिए 10 बच्चों को गेस पेपर बेचा था। दिनेश ने गुरुग्राम के यश से लिया था गेस पेपर। CBI आज सभी आरोपियों को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो सकती है। दिनेश बिवाल जयपुर ग्रामीण भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री है। इसके साथ ही राजस्थान पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जयपुर जिले के जमवा रामगढ़ कस्बे से दो भाइयों को NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया है।
दिनेश ने 15 लाख में खरीदा था गेस पेपर
राजस्थान विशेष अभियान समूह (एसओजी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “दिनेश बिवाल और उनके भाई मंगिलाल बिवाल को हरियाणा के एक व्यक्ति से NEET-2026 के 120 प्रश्नों वाला गेस पेपर प्राप्त करते हुए पकड़ा गया है। उन्होंने इसे 15 लाख रुपये में खरीदा और फिर सीकर के कई छात्रों को बेच दिया। हमने सोमवार को उनसे पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में लिया, जबकि सीबीआई ने आज सुबह उन्हें गिरफ्तार कर दिल्ली ले गई।”
एसओजी अधिकारी, जो सीबीआई को जांच अपने हाथ में लेने से पहले इस मामले की जांच कर रहे थे, ने कहा कि सीबीआई इस बात की भी जांच कर रही है कि दिनेश के परिवार के पांच उम्मीदवारों ने पिछले साल NEET परीक्षा कैसे पास की। उन्होंने कहा, “दिनेश के बेटे, मंगिलाल के दो बेटों और उनके दिवंगत बड़े भाई की दो बेटियों ने एक साथ परीक्षा उत्तीर्ण की, जिससे हमें संदेह हुआ।” अधिकारी ने आगे बताया कि ये पांचों वर्तमान में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे हैं।
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