उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है और कई स्थानों पर पारा 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। वहीं, पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में अचानक आई बाढ़ से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है, वहीं बड़ी नुकसान की भी खबर है। हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और मेघगर्जन के साथ तेज हवाएं चलीं और कुल्लू जिले में रोहतांग दर्रे तथा आसपास के इलाकों में दिन के दौरान ताजा बर्फबारी हुई जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।
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बारामूला के रफीबाद के लासर इलाके और आसपास के गांवों में भीषण ओलावृष्टि हुई, जिससे बागों और खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। भारी बारिश के साथ आए इस तूफान ने सेब के बागों और अन्य कृषि क्षेत्रों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं के बाद भीषण गर्मी से राहत मिली जबकि कुल्लू जिले के रोहतांग दर्रे और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को ताजा बर्फबारी हुई। स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को पांच जिलों – चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
कई राज्यों में चलेगी भीषण लू
आईएमडी ने शुक्रवार को कहा कि अगले छह से सात दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों, मध्य और पूर्वी भारत और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम पूर्वानुमान सेवा स्काईमेट वेदर के महेश पलावत ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि जून की शुरुआत से मानसून पूर्व की गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। राजस्थान में 24 मई से तापमान में फिर से तामपान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने के आसार है और राज्य के कुछ अलग-अलग स्थानों पर लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनने की आशंका है।
उत्तर प्रदेश में बांदा सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 46.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके बाद प्रयागराज में अधिकतम तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश में दिन के समय कुछ स्थानों पर लू से लेकर भीषण लू तक की स्थिति बन सकती है। राज्य के कुछ स्थानों पर रात में भी गर्मी रहने की प्रबल संभावना है।
कहां कहां होगी बारिश
नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण, शनिवार को केरल के दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है, और एक जिले में ‘ऑरेंज’ अलर्ट और छह अन्य जिलों में ‘येलो’ अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी ने तटीय जिले अलाप्पुझा में ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने राज्य के तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पतनमथिट्टा, कोट्टायम, एर्नाकुलम और इडुक्की जिलों में ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने 27 मई तक केरल के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और भारी बारिश के साथ-साथ गरज और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। इसके अलावा, 28 मई से तीन जून के बीच केरल के कुछ हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की भी संभावना है।
मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ गरज के साथ बारिश हो सकती है। आईएमडी के मुताबिक, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
उत्तरी बंगाल में भारी बारिश और गरज के साथ तूफान आने के आसार है। इसके मुताबिक, उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कालीमपोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूच बिहार और उत्तर दिनाजपुर जिलों में 26 मई तक भारी बारिश की संभावना है, जिसमें एक या दो स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है।
तमिलनाडु में 15 से अधिक जिलों में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया। तटीय तमिलनाडु और पुडुचेरी में लू चलने की स्थिति बन सकती है, लेकिन शनिवार को कुछ छिटपुट स्थानों पर बारिश हो सकती है। आईएमडी के मुताबिक, शनिवार को उत्तराखंड के कई पहाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान है।
अरुणाचल प्रदेश में आई बाढ़
अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले में भारी बारिश से अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने भारी तबाही मचाई है। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ के कारण कई महत्वपूर्ण पुल बह गए, घरों को नुकसान पहुंचा और कई गांवों में संपर्क बाधित हो गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने एक परामर्श जारी कर लोगों से नदियों में मछली पकड़ने या अन्य गतिविधियों के लिए जाने से बचने की अपील की है, क्योंकि आगे और बारिश का अनुमान जताया गया है। अधिकारियों के अनुसार बह गए पुलों में निंगपिंग गांव के पास न्यो कोरो स्थित आरसीसी पुल और गीबा मुख्यालय को लॉन्गटे गांव से जोड़ने वाला एक अन्य पुल भी शामिल है।






































