ईरान युद्ध के बाद से पैदा हुई LPG सकंट से देश अभी उभरता नहीं था कि एक पेट्रोल कंपनी ने आम जनता को बड़ा झटका दे दिया। प्राइवेट सेक्टर की एक तेल कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने आम जनता की जेब पर गहरा वार कर दिया है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम में ₹5 और डीजल में ₹3 प्रति लीटर का इजाफा किया है। इस बढ़ोतरी के बाद लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है और कई शहरों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
एक तरफ जहां सरकारी तेल कंपनियां (IOC, BPCL, HPCL) वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद कीमतों को स्थिर रखे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ नायरा ने अचानक पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी कर दी है, जिसके बाद कई शहरों में लोगों ने नाराजगी जाहिर की। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई वैश्विक तेजी का हवाला देते हुए कंपनी ने देशभर के अपने करीब 6,500 पेट्रोल पंपों पर नई दरें लागू कर दी हैं।
भोपाल में कीमतों का गणित
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। नायरा के पेट्रोल पंपों पर कीमतों में आया बदलाव कुछ इस तरह है:
| ईंधन | पुराना रेट (प्रति लीटर) | नया रेट (प्रति लीटर) | बढ़ोतरी |
| पेट्रोल | ₹106.74 | ₹111.74 | ₹5 |
| डीजल | ₹91.86 | ₹94.86 | ₹3 |
अचानक हुई इस वृद्धि ने उन वाहन चालकों को चौंका दिया है जो प्राइवेट पंपों की बेहतर सर्विस के कारण वहां जाते थे।
जनता में नाराजगी
कीमतों में इस उछाल के बाद उपभोक्ताओं में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। लोग इसे त्योहारों के मौके पर बड़ी चोट मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी जनता यह सवाल उठा रही है कि क्या प्राइवेट कंपनियों पर सरकार का कोई कंट्रोल नहीं है, जो वे मनमाने ढंग से कीमतें बढ़ा रही हैं।
क्यों बढ़ी कीमतें?
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल $100 के पार निकल गया है। सरकारी कंपनियां फिलहाल चुनावी या नीतिगत कारणों से कीमतों को रोककर बैठी हैं, लेकिन निजी कंपनियां अपनी लागत निकालने के लिए तुरंत कीमतें बढ़ा रही हैं।





































