लोकसभा में शुक्रवार को महिला आरक्षण से जुड़ी तीन एतिहासिक बिलों पर वोटिंग होने जा रही है। आज लोकसभा में केंद्र सरकार का सबसे बड़ा टेस्ट होने जा रहा है। पीएम मोदी ने आधी आबादी को पूरा अधिकार देने का संकल्प लिया है। आपको बता दें कि लोकसभा में बिल पास कराने के लिए सरकार को दो-तिहाई बहुमत चाहिए। हालांकि, मोदी सरकार के पास अभी मैजिक नंबर से 67 वोट कम है। ऐसे में सवाल ये है कि आज बिल कैसे पास होगा। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर के सांसदों से बड़ी अपील की है। पीएम मोदी ने सांसदों से अंतरात्मा की आवाज सुनने के लिए कहा है।
क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने कहा- “मैं सभी सांसदों से कहूंगा…आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए। देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है। उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए। ये संशोधन सर्वसम्मति से पारित होगा, तो देश की नारीशक्ति और सशक्त होगा, देश का लोकतंत्र और सशक्त होगा। आइए हम मिलकर आज इतिहास रचें। भारत की नारी को देश की आधी आबादी को उसका हक दें।”
‘4 दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई’
पीएम मोदी ने एक अन्य ट्वीट में कहा- “संसद में इस समय नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा चल रही है। कल रात भी एक बजे तक चर्चा चली है। जो भ्रम फैलाए गए, उनको दूर करने के लिए तर्कबद्ध जवाब दिया गया है। हर आशंका का समाधान किया गया है। जिन जानकारियों का अभाव था, वो जानकारियां भी हर सदस्य को दी गई हैं। किसी के मन में विरोध का जो कोई भी विषय था, उसका भी समाधान हुआ है। महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है। अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें। आजादी के इतने दशकों बाद भी भारत की महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में इतना कम प्रतिनिधित्व रहे, ये ठीक नहीं। अब कुछ ही देर लोकसभा में मतदान होने वाला है। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं,अपील करता हूं, कृपया करके सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लें, महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें। मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा कि कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों। देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम सभी पर है, हमारी नीयत पर है, हमारे निर्णय पर है। कृपया करके नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का साथ दें।”
विपक्ष क्यों कर रहा है विरोध?
विपक्ष महिला आरक्षण संशोधन बिल के साथ परिसीमन बिल को लेकर सवाल उठा रहा है। विपक्ष कह रहा है कि महिला आरक्षण बिल के साथ डिलिमिटेशन बिल लाकर सरकार खेल कर रही है। हम महिला आरक्षण के विरोध में नहीं हैं लेकिन डिलिमिटेशन नहीं होंने देंगे। विपक्ष कह रहा है कि सरकार अगर चाहे तो मौजूदा 543 सीट पर ही महिलाओं को आरक्षण दे दे लेकिन बिना जनगणना के डिलिमिटेशन कराना संविधान के खिलाफ है। हालांकि, सरकार ने चर्चा पहले दिन बता दिया कि डिलिमिटेशन का फॉर्मूला क्या होगा और कैसे राज्यों में सीटों का बंटवारा होगा। बावजूद इसके विपक्ष अपनी जिद पर अड़ा हुआ है।
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